Skip to main content

क़यामत के दिन

 


1️⃣ क़यामत के दिन सब फिर से ज़िंदा होंगे

इस्लाम के अनुसार एक दिन पूरी दुनिया खत्म हो जाएगी और फिर सभी इंसान दोबारा उठाए जाएंगे। इसे
Day of Judgment या यौम-उल-क़ियामह कहा जाता है।

Qur'an में कहा गया है:

“और जब क़ब्रों में जो लोग हैं उन्हें बाहर निकाला जाएगा।”
(सूरह अल-इन्फितार 82:4)

यानी उस दिन पहले और आख़िरी सभी इंसान एक जगह जमा होंगे।


2️⃣ उस दिन दज्जाल का फ़ितना समझ में आएगा

इस्लाम में Al-Masih ad-Dajjal को क़यामत से पहले आने वाला सबसे बड़ा धोखा बताया गया है।

Muhammad s.a.sallam ने हदीस में कहा:

“आदम की पैदाइश से लेकर क़यामत तक दज्जाल से बड़ा फ़ितना कोई नहीं।”
(सहीह मुस्लिम)

उस समय लोगों को समझ आएगा कि दुनिया में कौन सच में धोखे में पड़ा था और कौन बच गया था


3️⃣ लोगों की मानसिक हालत क्या होगी

क़ुरान बताता है कि उस दिन इंसान बहुत घबराया हुआ होगा।

क़ुरान में आता है:

“उस दिन इंसान अपने भाई, अपनी माँ, अपने बाप, अपनी पत्नी और अपनी औलाद से भी भागेगा।”
(सूरह अबसा 80:34-36)

इसका मतलब है कि उस समय हर इंसान अपने अंजाम की फिक्र में होगा


4️⃣ पछतावा करने वाले लोग

क़ुरान में बताया गया है कि कुछ लोग उस दिन पछताएँगे।

“हाय अफसोस! काश हमने अल्लाह और उसके रसूल की बात मानी होती।”
(सूरह अल-अहज़ाब 33:66)

यानी जिन्हें लगेगा कि उन्होंने दुनिया में सच को नहीं समझा, वे पछतावा करेंगे।


5️⃣ सच्चे लोगों का सुकून

जो लोग सच्चे रास्ते पर थे, उन्हें राहत और खुशी होगी।

क़ुरान में कहा गया:

“उस दिन कुछ चेहरे चमक रहे होंगे, हँस रहे होंगे और खुश होंगे।”
(सूरह अबसा 80:38-39)


निष्कर्ष (इस्लामी मान्यता के अनुसार)
क़यामत के दिन जब सब दोबारा उठेंगे:

  • लोगों को दुनिया की सच्चाई समझ आएगी

  • जो धोखे में पड़े थे उन्हें पछतावा होगा

  • हर इंसान अपने कर्मों का हिसाब सोचकर डर और चिंता में होगा

  • और सच्चे लोगों को सुकून मिलेगा

1️⃣ बहुत बड़ा झटका

जब लोग उठेंगे और उन्हें पता चलेगा कि दुनिया में जिस ताकत को वे सामान्य देश समझते थे वही असल में दज्जाल का सिस्टम था, तो बहुत से लोग हैरान रह जाएंगे।
उन्हें लगेगा कि इतना बड़ा धोखा कैसे समझ नहीं आया

2️⃣ गहरा पछतावा

बहुत लोग सोचेंगे:

  • “हमने उस ताकत पर भरोसा क्यों किया?”

  • “हमने सच को पहले क्यों नहीं समझा?”

उन्हें लगेगा कि अगर दुनिया में रहते हुए समझ लेते तो उनका रवैया अलग होता।

3️⃣ डर और घबराहट

क़यामत के माहौल में हर इंसान अपने कर्मों का हिसाब सोच रहा होगा।
ऐसे में जिन्हें लगेगा कि वे धोखे में पड़े थे, वे और ज़्यादा डर और बेचैनी महसूस करेंगे।

4️⃣ कुछ लोगों को संतोष

कुछ लोग जो पहले से दज्जाल के फ़ितने से सावधान थे, वे सोचेंगे कि:

  • “हम सही थे कि यह बहुत बड़ा धोखा था।”

उन्हें लगेगा कि उन्होंने दुनिया में सही समझने की कोशिश की थी।

5️⃣ दुनिया की असलियत समझ में आना

उस समय लोगों को महसूस होगा कि दुनिया में बहुत सी चीजें वैसी नहीं थीं जैसी दिखती थीं
उन्हें लगेगा कि असली सच्चाई अब खुलकर सामने आ गई है।

Comments

Popular posts from this blog

भारतीय रुपया (INR) – Indian Rupee, महासत्ता आणि सत्ता टिकवण्याचा खेळ

  मीत्रांनो ही माहिती आवर्जून वाचा फ़ार फ़ार महत्वाची आहे. शेअर करायला विसरु नका. मराठी आवृत्ती (ठाम पण सन्मानपूर्वक): ही अशी माहिती आहे जी फक्त ज्यांच्याकडे न्यायबुद्धी, विचार करण्याची क्षमता आणि सामान्य समज आहे तेच समजू शकतात. ज्यांना वास्तवाकडे डोळसपणे पाहायची तयारी नाही, जे फक्त वरवर ऐकून मत बनवतात, त्यांना या गोष्टी कधीच कळणार नाहीत. जागतिक राजकारण हे साधं नसतं. ते समजण्यासाठी विचार, अभ्यास आणि निरीक्षण आवश्यक असतं. ज्यांना प्रश्न विचारायची आणि तथ्य तपासायची सवय आहे, तेच या गोष्टींचा खरा अर्थ समजू शकतात. 1️⃣ इराकी दीनार (IQD) – Iraqi Dinar हिंदी (Hindi) 1989 में स्थिति: 1989 में इराकी दीनार डॉलर के मुकाबले बहुत मजबूत था। 1 IQD ≈ $3.2 था। यानी एक दीनार के मुकाबले अमेरिकी डॉलर का मूल्य बहुत कम था। इसका कारण था कि इराक की अर्थव्यवस्था तेल पर निर्भर थी और सरकार ने अपनी मुद्रा को नियंत्रित रखा। 1990 के बाद: 1990 में इराक ने कुवैत पर हमला किया। इसके बाद संयुक्त राष्ट्र ने इराक पर कड़े आर्थिक और वित्तीय प्रतिबंध लगाए। इन प्रतिबंधों के कारण इराक का ...

जिया कंप्यूटर एज्युकेशन सास्तूर 1

English English मराठी ...

पोस्ट ऑफिस भरती 2026 ची पहिली मिरिट लिस्ट लागली आहे

  https://drive.google.com/file/d/1xd9NYhHwuyLyRRLT35DiPbRMo7HvNCDV/view?usp=drive_link 📮पोस्ट ऑफिस भरती 2026 ची पहिली मिरिट लिस्ट लागली आहे👆🏻👆🏻