नीचे सूरा अल-बक़रा की आयत 151 का हिंदी में अनुवाद और संक्षिप्त तफ़्सीर (व्याख्या) दी गई है:
سورة البقرة – आयत 151
अरबी पाठ:
﴿كَمَا أَرْسَلْنَا فِيكُمْ رَسُولًا مِّنكُمْ يَتْلُو عَلَيْكُمْ آيَاتِنَا وَيُزَكِّيكُمْ وَيُعَلِّمُكُمُ الْكِتَابَ وَالْحِكْمَةَ وَيُعَلِّمُكُم مَّا لَمْ تَكُونُوا تَعْلَمُونَ﴾
हिंदी अनुवाद:
"जैसे हमने तुममें से ही एक रसूल (पैग़म्बर) भेजा, जो तुम पर हमारी आयतें पढ़ता है, तुम्हें पाक (शुद्ध) करता है, तुम्हें किताब (क़ुरआन) और हिकमत (ज्ञान/सुज्ञता) सिखाता है, और तुम्हें वह बातें सिखाता है जिन्हें तुम पहले नहीं जानते थे।"
📖 संक्षिप्त तफ़्सीर (व्याख्या):
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"फीकुम रसूलं मिंकुम" –
यानी अल्लाह ने तुम्हारे बीच से ही एक रसूल (पैगंबर मुहम्मद ﷺ) को चुना, कोई फ़रिश्ता या परदेशी नहीं, बल्कि वही जो तुम्हें जानते हैं और जिन्हें तुम जानते हो। इससे लोगों को अपनापन महसूस हुआ। -
"यतलू अलैकुम आयातिना" –
वह रसूल ﷺ तुम पर अल्लाह की आयतें (क़ुरआन) तिलावत करते हैं। न सिर्फ पढ़ते हैं बल्कि समझाते भी हैं, ताकि तुम अल्लाह का संदेश जान सको। -
"व युज़क्कीकुम" –
यानी रसूल ﷺ तुम्हारा तज़किया (आत्मा और आचरण की शुद्धि) करते हैं। बुरी आदतों से दूर करके नेक राह दिखाते हैं। -
"व युअल्लिमुकुमुल किताब वल हिक्मा" –
यानी कुरआन और उसकी हिकमत (सही समझ, सुनीति, सुज्ञान) सिखाते हैं। सिर्फ अक्षर नहीं, उसका मकसद भी बताते हैं। -
"व युअल्लिमुकुम मा लम तकूनू तआलमून" –
और वे तुम्हें ऐसी बातें सिखाते हैं जिनका तुम्हें पहले कोई इल्म नहीं था — जैसे तौहीद, आख़िरत, सही जीवनशैली और इंसाफ़ की राह।
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