सरकार को संबोधित पोस्ट (Hindi)
गरीब आदमी के थाली में जो अनाज पहुंचना चाहिए, वह सरकार की जिम्मेदारी है, दया नहीं।
आज लोहरा जैसे इलाके में राशन दुकान से वितरित अनाज देखा, तो बस एक सवाल उठता है —
यह अनाज इंसानों के लिए है या जानवरों के लिए?
चावल टूटे हुए, चुरा और खराब।
क्या सरकार “अन्न सुरक्षा” के नाम पर लोगों के स्वास्थ्य से खेल रही है?
शहर में बैठे अधिकारी कभी यह अनाज अपने घर लाकर खाएंगे?
या गरीब है इसलिए उसे जो मिलेगा वही सही है, यह सोच बना ली गई है?
राशन कोई उपकार नहीं है,
यह नागरिक का अधिकार है।
सरकार अगर कर, वोटिंग, नियम पालने के लिए जनता से कहती है,
तो गरीब नागरिक को साफ, उच्च गुणवत्ता वाला अनाज देना भी उतना ही जरूरी है।
आज आवाज़ नहीं उठाई, तो कल यह गड़बड़ी “सिस्टम” बनकर स्थायी हो जाएगी।
सरकार तुरंत:
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राशन अनाज की गुणवत्ता जांचे
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दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करे
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और नागरिकों को इंसान के रूप में सम्मान दे
भूखे लोग शांत रहते हैं, लेकिन वे अज्ञानी नहीं।
✍️
— एक जागरूक नागरिक
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